नई दिल्ली। देश भर में लव जेहाद को लेकर मचे शोर के बीच आगरा के वैश्य समाज ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। अपनी बेटियों को लव जेहाद से बचाने के लिए स्कूल और कॉलेज में उनके मोबाइल ले जाने पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। यही नहीं पोर्नोग्राफी से बच्चों को बचाने के लिए उन्हें इंटरनेट से भी दूर रखने का फैसला किया है। वैश्य समाज के इस सख्त फैसले के बाद अचानक आगरा का माहौल गर्मा गया है।
लव जेहाद अब यूपी में एक बड़ा मुद्दा है। आगरा में तो बजरंग दल के कार्यकर्ता लव जेहाद के खिलाफ सड़कों पर आ गए। उनकी मांग है कि झूठे नामों से और हिंदू पहनावे से लड़कियों को धोखा देने वालों के खिलाफ प्रशासन अभियान चलाए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस सिलसिले में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा है। यही नहीं बजरंग दल नागरिकों के बीच लव जेहाद के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाने की तैयारी में है।
आगरा में लव जेहाद का ये मामला वैश्य समाज की एक सभा के बाद गर्माया। इस सभा में भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुमंत गुप्ता ने लड़कियों के दूसरे धर्म में विवाह का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि लड़कियों को बहला फुसला कर जबरन उनके साथ निकाह किया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल-इंटरनेट पर पाबंदी लगाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
लेकिन इक्कीसवीं सदी में लड़कियों पर इस तरह की पाबंदी को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। कुछ लोग जहां लव जेहाद को बीजेपी का चुनावी शिगूफा करार दे रहे हैं, तो वहीं बीजेपी के ही नेता इस पाबंदी को फिजूल करार दे रहे हैं।
बीजेपी सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मोबाइल को बैन करने से कोई फर्क पड़ेगा। अगर दो लोग अपनी मर्जी से एक होते हैं तो कोई बात नहीं है, लेकिन अगर कोई किसी को ज़बरदस्ती करता है तो ये गलत है, गंभीर मुद्दा है।
लव जेहाद नाम की कोई चीज है भी या ये सचमुच एक चुनावी शिगूफा है। ये बहस का मुद्दा हो सकता है, लेकिन इसके नाम पर अपनी बहू बेटियों को अट्ठारहवीं सदी के अंधेरे में धकेलना कितना सही है ये एक बड़ा सवाल है। क्या ये कदम तालिबानीकरण की ओर नहीं ले जाता।
लव जेहाद के मुद्दे पर चर्चा में शामिल हुए महिला कार्यकर्ता डॉ. मुबीन जेहरा, समाजवादी पार्टी की नेता डॉ रोली मिश्रा, खाप समर्थक सत्यपाल चौधरी, कांग्रेस विधान पार्षद विवेक बंसल, बीजेपी नेता आसिफा खान और हाईकोर्ट की वकील बरनाली बसाक। देखें वीडियो।
दूसरे अपडेट पाने के लिए IBNKhabar.com के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।
IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!
अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!
0 comments:
Post a Comment