Sunday, 1 December 2013

धारा 370 के नफा-नुकसान पर हो खुलकर ...




जम्मू। भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी जम्मू एवं कश्मीर में इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के सिद्धांत के आधार पर पहलों को आगे बढ़ाएगी जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कल्पना की थी। पार्टी की सख्त लाइन धारा 370 पर भी चर्चा को उन्होंने आमंत्रित किया। मोदी ने कहा कि अगर इस घारा से कश्मीरवासियों को फायदा पहुंचता है तो बीजेपी इसे हटाने की अपनी मांग पर पुनर्वचार करेगा।


जम्मू के एम.ए.स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हम जम्मू एवं कश्मीर के संदर्भ में अपने महान नेता अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा कल्पना की गई इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की नीति को आगे बढ़ाएंगे। मोदी ने कहा कि धारा 370 का अच्छा या बुरा जो भी परिणाम हुआ उस पर चर्चा होनी चाहिए।


2014 के लोकसभा चुनाव के अभियान की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य के लोग जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं उसका कारण कांग्रेस की गलत नीतियां और राजनीति है। मोदी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के बारे में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की नीतियां सही थीं और पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियां और योजना गलत थी।


मोदी ने कहा कि अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू की नीतियों के खिलाफ आंदोलन नहीं किया होता तो आज भी राज्य में प्रवेश करने के लिए परमिट लेना होता। मोदी ने रियासत के पूर्व महाराजा हरिसिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में कई सामाजिक सुधार किए। कांग्रेस के जनहितकारी कार्यों के दावों जैसे खाद्य सुरक्षा विधेयक और पंचायती राज के बारे में मोदी ने सवाल किया कि लोगों को इन योजनाओं से कितना फायदा हुआ।


उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना करते हुए कहा कि नेशनल कांफ्रेंस कैसे महिलाओं के हितों की सुरक्षा का दावा कर सकती है, जब उसके नेता निजी संबंधों में ऐसा करने में विफल रहे हैं। लेकिन उमर अब्दुल्ला की बहन को भी क्या उनके समान अधिकार है? अब्दुल्ला की बहन सारा पायलट कंपनी मामलों के राज्य मंत्री सचिन पायलट की पत्नी हैं।


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