Saturday, 13 September 2014

क्या भारत दाऊद इब्राहिम को कभी पकड़ ...




नई दिल्ली। मोदी सरकार ने 100 दिन पूरे कर लिए हैं लेकिन इस दौरान दाऊद इब्राहिम को लेकर सरकार ने अपनी रणनीति के बारे में कुछ नहीं कहा है। जबकि चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने कहा था कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो वो दाऊद को भारत लेकर आएंगे। मोदी के वादों और दावों पर उम्मीद लगाए बैठे देश के सवा सौ करोड़ लोग अब यही सवाल पूछ रहे हैं कि कब पकड़ कर लाओगे दाऊद को।


अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम, जिसकी दो दशकों से है भारत को तलाश है हाल ही में दो अलग-अलग जगहों पर नजर आया। जी हां, एक बार फिर पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हुआ है। एक बार फिर ये साबित हुआ है कि भारत का सबसे बड़ा गुनहगार दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही पनाह लिए हुए है। यही नहीं, इस बात के भी पुख्ता सबूत मिले हैं कि उसकी सुरक्षा में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी तैनात हैं।


दरअसल, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़े दो नए वीडियो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल को सौंपे हैं। इसमें से एक वीडियो में दाऊद कराची में आईएसआई के कुछ सरगनाओं से बातचीत करता दिख रहा है जबकि दूसरे में वह बांग्लादेश बॉर्डर के पास दिख रहा है। इन दोनों वीडियो में दाऊद की पहचान कर ली गई है। खुफिया विभाग अब उन आईएसआई अधिकारियों की पहचान करने में जुटा है जो वीडियो में दाऊद के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं।


इन वीडियो से एक बार फिर ये साफ हो गया है कि दाऊद पाकिस्तान में ही शरण लिए हुए है, लेकिन पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा है। भारत ने कई बार पाकिस्तान से दाऊद को सौंपने की बात कही है। अब इन तमाम वीडियो और रिपोर्ट को भारत दाऊद के पाकिस्तान में होने के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल करेगा।


इससे पहले खबरें आई थीं कि कथित तौर पर कराची में रहने वाला दाऊद खुद को महफूज करने के लिए अफगानिस्तान-पाकिस्तान की सीमा के पास किसी अनजान जगह पर छिप गया है। ये भी कहा गया था कि तालिबान के कब्जे वाले इस इलाके में दाऊद की हिफाजत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कर रही है।


अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद इस बात की पुष्टि हो गई है कि दाऊद आईएसआई के सुरक्षा घेरे में ही रह रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसी के साथ अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई भी दाऊद की गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखे हुए है। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने खुफिया एजेंसियों की इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए दूसरी जांच एजेंसियों को भी सहयोग के निर्देश दिए हैं।


मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की मदद से दाऊद को पकड़ने की योजना पर काम कर रही है और जल्द ही कोई निर्णायक कदम उठाने की तैयारी में है। यही वजह है कि खुफिया टीमें लगातार दाऊद पर नजर बनाए हुए हैं। चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने दावा भी किया था कि अगर वो सत्ता में आए तो दाऊद को पाकिस्तान से भारत लाएंगे।


सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार दाऊद को पकड़ने के लिए ठीक उसी तरह की योजना पर काम कर रह ही है जिस तरह अमेरिका ने पाकिस्तान में छिपे बैठे अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के लिए बनाई थी। शुक्रवार को गृह मंत्रालय के 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के दौरान जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह से ये सवाल पूछा गया कि उनकी सरकार दाऊद को भारत लाने के लिए क्या कर रही है तो उनका जवाब था, कह रहे प्रतीक्षा कीजिए, अक्लमंद को इशारा काफी है।


जाहिर है सरकार अभी अपनी योजना के बारे में ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन वो दाऊद को पकड़ कर भारत लाने की तैयारी में जरूर है। दाऊद पर 1993 में मुंबई के बम धमाकों समेत आतंकवाद फैलाने के अलावा जाली नोट और सट्टेबाजी का कारोबार चलाने जैसे सैकड़ों आरोप हैं।


भारत विरोधी गतिविधियों को चलाने में वो आईएसआई और दूसरे आतंकी संगठनों की मदद लेता रहता है। लेकिन 21 साल के लंबे वक्त के बाद भी भारत सरकार दाऊद को पकड़ने में नाकाम रही है। ऐसे में ये सवाल लगातार उठते हैं कि आखिर कब दाऊद के काले कारनामों पर लगाम लगेगी और कब देश का सबसे बड़ा मुजरिम कठघरे में खड़ा होगा?


भारत के लिए नासूर बना दाऊद


आतंक की 'डी' कंपनी चलाने वाला दाऊद इब्राहिम भारत के लिए बीते दो दशकों से नासूर बना हुआ है। 1993 के मुंबई हमलों की साजिश रचने वाला दाऊद धमाके से पहले जब भारत छोड़कर गया था, तब वो 37 साल का था।


अभी 58 साल का है अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम। पिछले 21 साल से भारत को इसकी तलाश है। भारत की मोस्ट वांटेड लिस्ट में ये शामिल है। अमेरिका की वांटेड लिस्ट में भी इसका नाम है। अमेरिका के मुताबिक दाऊद के अल-कायदा से रिश्ते हैं। इंटरपोल इंडिया के मुताबिक दाऊद ISI की मदद से कराची के क्लिफटन इलाके में रह रहा है।


2003 में अमेरिका ने दाऊद को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया। 2011 में फोर्ब्स की दुनिया की सबसे खूंखार अपराधियों की सूची में दाऊद तीसरे नंबर पर था। पिछले साल आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले की चार्जशीट में भी दाऊद का नाम शामिल किया गया। दुनियाभर में घूमने वाले दाऊद ने भारत, यमन, पाकिस्तान, यूएई के अवैध पासपोर्ट बनवाए हैं।


1993 में हुए मुंबई बम धमाकों में दाऊद को दोषी करार दिया गया है। मुंबई बम धमाकों से पहले ही दाऊद भारत छोड़ कर चला गया था, तभी से भारत उसकी तलाश में है। आपको बता दें कि दाऊद का जन्म 27 दिसंबर 1955 को मुंबई में हुआ था। दाऊद के पिता मुंबई पुलिस में कांस्टेबल थे। मुंबई के डोंगरी इलाके में रहते हुए दाऊद ने गैंगवार की शुरुआत की थी। 1980 के दशक में दाऊद का नाम मुंबई अपराध जगत में काफी फैल गया था। दाऊद की फिल्म जगत से लेकर सट्टा और शेयर बाजार तक बड़ी पहुंच बन गई थी।


पाकिस्तान में छिपा बैठा दाऊद लगातार खुफिया एजेंसियों के निशाने पर है। उसकी हर एक चाल और गतिविधि पर खुफिया अधिकारियों की नजर है। यही नहीं, सोशल मीडिया पर मौजूद दाऊद के परिजनों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियों को लगता है इसके जरिए दाऊद तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।


ये पहली बार नहीं है जब सारी दुनिया से छिपते फिर रहे माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के बारे में जानकारी हाथ लगी है। इससे पहले भी कई बार दाऊद के बदलते ठिकानों के बारे में जानकारियां सामने आई हैं। पिछले महीने यानी अगस्त में खुफिया एजेंसियों ने ये जानकारी दी थी कि पिछले दिनों दाऊद को ईद वाले दिन देखा गया। यही नहीं, इससे जुड़ी फोटो भी खुफिया एजेंसी को हाथ लगी है।


बताया गया कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर क्वालात गलूजई कस्बे की मस्जिद में ईद की नमाज के लिए गया था। यहां नमाज पढ़ते वक्त उसे देखा गया। उसके हुलिए के बारे में खुफिया एजेंसी को पता लगा कि दाउद ने फ्रेंच कट दाढ़ी रखी हुई थी और वो पहसे से ज्यादा बूढ़ा दिखाई दे रहा था। नमाज अदा करने के बाद दाऊद कबीलाई इलाके पैतिरका की तरफ चला गया था।


सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने ईद के मौके पर ली गई दाऊद की ये तस्वीरें गृह मंत्रालय को भेजी हैं। इनमें से एक तस्वीर पास ली गई है तो दूसरी फोटो दूर से ली गई है। दाऊद पर नजर रखने के साथ ही उसकी बातचीत की भी निगरानी हो रही है। इसके लिए दाऊद का फोन भी लगातार इंटरसेप्ट किया जा रहा है।


मई में जब भारत में सत्ता परिवर्तन होने को था, उसी दौरान दाऊद के ठिकाना बदलने की खबर आई। बताया गया कि दाऊद मोदी के प्रधानमंत्री बनने के डर से किसी अनजान जगह पर रहने लगा है।


दरअसल, अपने चुनाव अभियान के दौरान मोदी ने कहा था कि वो दाऊद को भारत लेकर आएंगे। अमेरिका की तर्ज पर किसी कमांडो कार्रवाई की आशंका से दाऊद इस कदर डर गया कि उसने कराची से अपना ठिकाना बदलने का फैसला कर लिया। जानकारी मिली कि वो पाक-अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान के नियंत्रण वाले इलाके में चला गया। जहां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसकी सुरक्षा और बढ़ा दी।


ये जगजाहिर है कि दाऊद लंबे अरसे से पाकिस्तान में पनाह लिए हुए है। इंटरपोल इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक वो अपने पूरे लाव लश्कर के साथ कराची के पॉश क्लिफटन इलाके में बने एक शानदार बंगले रहता है। उसके बंगले के पास ही जर्मनी और सऊदी अरब के दूतावास हैं। इससे थोड़ी ही दूरी पर कराची पुलिस की चौकी है। ये सब जानकारी होने के बावजूद दाऊद भारत की पकड़ से बाहर है। क्योंकि पाकिस्तान दाऊद के अपने मुल्क में न होने का दावा करता रहता है। लेकिन मोदी सरकार बनने के साथ ही ये उम्मीद की जाने लगी कि दाऊद जल्द भारत में लाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ अंडरवर्ल्ड डॉन के सबसे करीबी छोटा शकील ने हाल में कहा था कि दाऊद कोई हलवा नहीं है कि उसको कोई भी उठा के ले जाए।


पाकिस्तानी हुक्मरान चाहे जो भी दावा ठोंके लेकिन सच्चाई यही है कि मौत का ये सौदागर उसी के मुल्क में है और यहीं से आतंक का राज पूरी दुनिया में फैला रहा है। यही नहीं, पिछले दिनों ये भी पता चला कि अब दाऊद का परिवार घर में संदेशे भेजने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल कर रहा है।


जिस शख्स की मुंबई ही नहीं पूरे देश को 1993 से तलाश है उसके परिवार ने उसे शादी की 25वीं सालगिरह पर सोशल मीडिया के जरिए बधाईयां पहुंचाईं। बेटी ने दाऊद को भेजे संदेश में लिखा, 25वीं सालगिरह मुबारक हो। लेकिन अगले संदेश ने दाऊद के काले चिट्ठे और पाकिस्तान सरकार के झूठ की पोल खोल कर रख दी। दाऊद का ठिकाना एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया। बेटी माहरुख ने लिखा, मुझे कराची में रह रहे मम्मी, पापा (दाऊद), जुनैद, रींज, मोइन और माजिया इन सबकी बहुत याद आती है।


बेटी कराची में रहने वाले मां-बाप और भाई मोइन को याद कर रही थी। उनके बिना उसका मन नहीं लगता। ये महज इत्तेफाक नहीं हो सकता कि अकेले दाऊद की बेटियां बेटे ही नहीं हिंदुस्तान में रहने वाली उसकी बहन के बच्चे भी इस फ्रेंडलिस्ट में हैं। पिछले लंबे समय से दाऊद के परिवार में जो कुछ चल रहा है उस पर खुफिया एजेंसियों की पूरी नजर है। उन संदेशों पर भी जो आपस में एक दूसरे को भेजे जा रहे हैं। लेकिन मई के बाद अचानक परिवार में आपस में बातचीत बंद हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या ये दाऊद की चाल है या परिवार का आपस में जुड़े रहने का तरीका। वो भी उस दौर में जहां भारत को दाऊद की तलाश है और दुनिया को पता है कि उसका ठिकाना पाकिस्तान में है।


भारत का सबसे बड़ा गुनहगार


भारत का सबसे बड़ा गुनहगार दाऊद इब्राहिम भले ही 21 सालों से बाहर रह रहा है, लेकिन वो विदेश में रह कर भी भारत में अपने सारे काले धंधे चलाता रहा है। मुंबई में एक गैंग के लिए छोटे मोटे काम करने वाला दाऊद वक्त बीतने के साथ इतना खतरनाक हो गया कि आज सारी दुनिया को उसकी तलाश है।


दाऊद इब्राहिम कास्कर, भारत का दुश्मन नंबर 1। दक्षिण और मध्य एशिया में ड्रग्स और हथियारों का सबसे बड़ा तस्कर और 5 हजार से ज्यादा गुर्गों वाली डी कंपनी का मालिक। दाऊद की तलाश पूरी दुनिया को है, लेकिन सालों हो गए वो कभी दुनिया के सामने नहीं आया। दाऊद का जिक्र आने पर अभी भी उसकी यही पुरानी तस्वीरें ही जेहन में आती हैं। ये तस्वीरें तब की हैं, जब दाऊद का मुंबई से गहरा नाता था। कहा जाता है कि कभी मुंबई शहर को दाऊद जान से भी ज्यादा प्यार करता था। लेकिन बदलते वक्त के साथ जैसे इनसान की पहचान बदलती है वैसे ही दाऊद की भी बदली।


शुरुआत में दाऊद इब्राहिम मुंबई में एक गैंग के लिए छोटा-मोटा काम करता था। उसके बाद वो दुबई चला गया। दुबई पहुंचकर दाऊद ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए। धीरे धीरे उसके काले धंधे फलने फुलने लगे। एक ऐसा वक्त आया जब दाऊद ने बॉलीवुड में बनने वाली फिल्मों के लिए पैसा देना शुरु किया और पूरी इंडस्ट्री को अपनी जेब में रखने की तैयारी कर ली।


दुबई जाकर भी दाऊद का रिश्ता मुंबई से जस का तस बना रहा। लेकिन 12 मार्च 1993 को सबकुछ बदल गया। मुंबई में हुए धमाकों ने चारों तरफ हाहाकार मचा दिया। इन विस्फोटों में 257 लोगों की जान गईं। इन धमाकों के लिए अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को दोषी करार दिया गया। तब से दाऊद को भारत लाने और सजा देने की मांग उठती रही है। लेकिन उसके सही ठिकाने पर कभी पुख्ता मुहर नहीं लग पाई।


भारत और पाकिस्तान के अलावा दाउद का कारोबार संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, और ऑस्ट्रेलिया में भी फैला हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में दाउद के कई शॉपिंग मॉल भी हैं। सूत्रों के मुताबिक दाउद और उसके रिश्तेदारों के पास मुंबई में ही करीब दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की दौलत है। इसमें मुंबई के कोलाबा, क्रॉफोर्ड मार्केट, भिंडी बाजार, बांद्रा, ओसीवारा और वर्सोवा में फैली हुई कई इमारतें भी हैं। इनमें से ज्यादातर बेनामी हैं।


दाऊद की डी कंपनी का काला कारोबार ब्रिटेन और पश्चिमी यूरोप में भी फैला हुआ है। खुफिया जानकारी के मुताबिक इन देशों में दाऊद बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का कारोबार चला रहा है। ऐसे भी सबूत सामने आए जिससे पता चला दाऊद की कंपनी आतंकियों की भी मदद कर रही है।


2003 में दाऊद को अमेरिका ने दुनिया के तमाम बड़े आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल किया और उसके सभी आपरेशन को खत्म करने का फरमान जारी किया। खुफिया एंजेसियों के मुताबिक दाउद भारत में लश्कर ए तैयबा की आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसा भी मुहैया कराता है। भारत का कहना है कि दाउद इब्राहिम पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और उसे वहां राजनीतिक और आर्थिक संरक्षण हासिल है। हालांकि पाकिस्तान अपने वतन में दाऊद की मौजूदगी से हमेशा इनकार करता रहा है। लेकिन वक्त-वक्त पर ऐसे कई सबूत सामने आए हैं, जिससे इस बात की तस्दीक होती रही है कि दाऊद पाकिस्तान में ही पनाह लिए हुए है।


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