नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी. सदाशिवम को केरल का राज्यपाल बनाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्यपाल के लिए उनका नाम राष्ट्रपति के पास भेजा है। राष्ट्रपति दिल्ली से बाहर हैं इसलिए इसे अबतक मंजूरी नहीं मिली है।
सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए पार्टी ने इसे न्याय प्रणाली की स्वतंत्रता के लिए घातक करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा का कहना है कि सदाशिवम के रिटायर होने के कुछ वक्त बाद ही राज्यपाल नियुक्त करने की सिफारिश से लगता है कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को किसी तरह से खुश किया होगा। तब ही उन्हें राज्यपाल बनाया जा रहा है। वो इसी साल सीजेआई के पद से रिटायर हुए हैं।
सदाशिवम की नियुक्ति पर पूर्व सीजेआई वी एन खरे ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये एक खराब उदाहरण है और ऐसे फैसलों से न्यायपालिका में राजनीतिक दखलअंदाजी बढ़ेगी।
गौरतलब है कि केरल की राज्यपाल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही केरल में राज्यपाल का पद खाली था। ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि मोदी सरकार जल्द ही किसी को केरल का राज्यपाल बना सकती है।
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