नई दिल्ली।संयुक्त राष्ट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने को लेकर पाकिस्तान को आज कड़ी नसीहत दी कि इस मामले का समाधान द्विपक्षीय वार्ता से ही हो सकता है और इसके लिए उसे शांतिपूर्ण और आतंकवाद से रहित माहौल बनाना होगा। मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार की नीति अपने पड़ोसी देशों के साथ मित्रता एवं सहयोग बढ़ाने की है और पाकिस्तान को लेकर भी उनकी यही नीति है। भारत उसके साथ शांतिपूर्ण एवं आतंक से रहित वातावरण में द्विपक्षीय वार्ता करना चाहता है लेकिन पाकिस्तान का दायित्व है कि वह इसके लिए उपयुक्त वातावरण बनाए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा शुक्रवार को इसी मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि कई लोगों को इस बात पर संदेह है कि इस वैश्विक मंच पर सवाल उठाने से क्या हल निकल सकता है। मोदी ने पाकिस्तान को कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को सहायता पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि भारत ने कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने का अभियान चलाया और पाकिस्तान के समक्ष उसके कब्जे वाले कश्मीर में भी सहायता पहुंचाने का प्रस्ताव रखा था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से कहा कि हम उसके कब्जे वाले कश्मीर में भी सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम विकासशील विश्व का हिस्सा हैं लेकिन सीमित संसाधनों को उनके साथ साझा करने के इच्छुक हैं जिन्हें इनकी नितांत आवश्यकता है। मोदी ने कहा कि भारत अपनी प्रगति के लिए पड़ोस में शांतिपूर्ण तथा स्थिरता के वातावरण की अपेक्षा करता है। हमारा भविष्य पड़ोस से जुड़ा है और हम पाकिस्तान के साथ भी मित्रता एवं सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
मोदी ने कहा कि भारत का बहुपक्षीय नीति में पूरा विश्वास है और उनका देश न्याय, अवसर, गरिमा और पूरे विश्व की शांति के लिए खड़ा है। मोदी ने कहा कि मुझे भारत के एक अरब 25 करोड़ लोगों की अपेक्षाओं और उम्मीदों के बारे में पूरी तरह जानकारी है । उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक और सामाजिक बदलाव से गुजर रहा है जिसकी इतिहास में कोई समानता नहीं है ।
मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में यह महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। मोदी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं है बल्कि पूरी और समग्र जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि योग मन और शरीर, विचार और कर्म, संयम और उपलब्धि तथा मानव और प्रकृति को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि योग परिवर्तन लाता है और यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
(और क्या-क्या कहा मोदी ने अपने इस ऐतिहासिक भाषण में ये जानने के लिए वीडियो देखें)
दूसरे अपडेट पाने के लिए IBNKhabar.com के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।
IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!
अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!
0 comments:
Post a Comment