नई दिल्ली। दिल्ली के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) संजीव चतुर्वेदी को पद से हटा दिया गया है। अपने दो साल के कार्यकाल के दौरान संजीव चतुर्वेदी ने एम्स में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के आदेश पर चतुर्वेदी को इस पद से हटाया गया है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चतुर्वेदी को हटाए जाने पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि क्या इसी तरह मोदी सरकार देश से भष्टाचार को खत्म करने वाली है।
चतुर्वेदी को इसके पहले भी पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के शासन काल में भी पद से हटाने की कोशिशें की गईं थी। लेकिन तब संसद की स्थायी समिति ने इसमें हस्तक्षेप किया था और स्वास्थ्य मंत्रालय से यह सुनिचित करने को कहा था कि सतर्कता अधिकारी को उनके चार साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले किसी भी हालत में पद से नहीं हटाया जाए।
चतुर्वेदी की ओर से जिन घोटालों का पर्दाफाश किया गया उसके लिए एक अतिरिक्त सचिव और उपनिदेशक समेत एम्स के कई कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है।
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