Thursday, 6 March 2014

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर लगाया ...




लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कानपुर में जूनियर डॉक्टरों की पिटाई के बाद प्रदेश में जारी हड़ताल पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को कानपुर रेंज के आई.जी, डी.आई.जी, एस.एस.पी को हटाने के आदेश दिए है।


न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय की बेंच ने जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग को तीन सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चिकित्सकों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने को कहा है। इस बीच राज्य सरकार ने चिकित्सकों की हड़ताल पर एस्मा लगा दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को तय की गई है।


गौरतलब है कि विगत शुक्रवार को कानपुर के हैलट अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों का समाजवादी पार्टी विधायक इरफान सोलंकी के साथ विवाद हो गया था। डॉक्टरों पर विधायक और उनके समर्थकों की पिटाई का आरोप है। इसके बाद पुलिस पर कथित रूप से दबाव डालकर चिकित्सकों पर लाठीचार्ज करवाया गया और 24 चिकित्सकों की गिरफ्तारी करवाई गई।


घटना के बाद नाराज चिकित्सक विधायक और एस.एस.पी पर कार्रवाई की मांग को लेकर एक मार्च से हड़ताल पर चले गए। उनके समर्थन में राज्य के दूसरे मेडिकल कालेजों और अस्पतालों के डॉक्टर भी हड़ताल पर चले गए। तब से लगातार राज्य में हड़ताल जारी है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप पड़ गई हैं।


हड़ताली चिकित्सकों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मंगलवार को बातचीत हुई, लेकिन यह बेनतीजा रही।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार शाम को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मिले और न्याय की गुहार लगाई।


प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जितेंद्र कुमार ने कहा कि हमने सपा प्रमुख को सारी बातें बताईं। उन्होंने हमें न्याय का भरोसा दिया है। हड़ताल कब समाप्त होगी, इस पर कुमार ने कहा कि कानपुर पहुंचने के बाद हम बैठक करेंगे।


उधर राज्य सरकार द्वारा एस्मा लागू करने के बाद कानपुर की जिलाधिकारी रौशन जैकब ने कहा कि राज्य सरकार ने आज शाम हड़ताल पर एस्मा लगा दिया है। अब चिकित्सकों को ड्यूटी पर आना होगा। जो चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आएंगे। जिला प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बाध्य होगा।वहीं आईएमए की कानपुर इकाई की अध्यक्ष आरती लाल चंदानी ने कहा कि चिकित्सक एस्मा की कार्रवाई के आगे नहीं झुकेंगे।


माना जा रहा था न्यायिक जांच और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के न्यायालय के आदेश के बाद देर शाम तक चिकित्सकों की तरफ से हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी जाएगी, लेकिन चिकित्सकों से रुख से फिलहाल हड़ताल समाप्त होने से संभावना नहीं दिख रही है।


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