नई दिल्ली। आईबीएन7 के लिए सीएसडीएस के सर्वे में भारतीय जनता पार्टी बढ़त पर दिख रही है। महाराष्ट्र में कराए गए सर्वे में बीजेपी विपक्षी गठबंधन कांग्रेस-एनसीपी पर भारी है। लेकिन दिल्ली में उसकी आम आदमी पार्टी से कांटे की टक्कर है।
दिल्ली
सर्वे के मुताबिक दिल्ली में अगर अभी चुनाव हों तो बीजेपी को फायदा होता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी को 36 फीसदी वोट हासिल होने का अनुमान है जबकि आम आदमी पार्टी को 35 फीसदी और कांग्रेस को 22 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं।
दिल्ली में अगर अभी लोकसभा चुनाव हों तो वोट फीसदी के आधार पर दिल्ली की सात सीटों में से आम आदमी पार्टी को 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी को 2 से 4 और कांग्रेस को 0 से 2 सीटें मिलती दिख रही हैं।
दरअसल दिल्ली-एनसीआर, उत्तर भारत और शहरी इलाकों में आप यानि आम आदमी पार्टी तीसरी ताकत बन चुकी है। कई इलाकों में आम आदमी पार्टी कांग्रेस और बीजेपी दोनों का खेल बिगाड़ सकती है। अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार को मुख्य चुनावी मुद्दा बना चुके हैं। पहले आम आदमी पार्टी के उदय को बीजेपी और कांग्रेस हल्के में ले रही थी। लेकिन दिल्ली में जीत के बाद उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब दोनों पार्टियों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
दिल्ली में आईबीएन7 के लिए सीएसडीएस के सर्वे में दो 10 बड़ी बातें सामने आईं। उनके मुताबिक जनवरी से अब तक BJP के वोट शेयर में 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आप के वोट शेयर में 13 फीसदी गिरावट की आशंका सामने आई है। कांग्रेस को कुछ फायदा होने के आसार दिखाई दिए हैं। हर तबके के बीच आप की लोकप्रियता में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है।
सर्वे के मुताबिक युवाओं के बीच आप की लोकप्रियता को सबसे ज्यादा झटका लगता नजर आया है। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आप अब भी सबसे आगे है। विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को और नुकसान हो रहा है। ज्यादातर लोग ये मानते हैं कि केजरीवाल का इस्तीफा गलत है। सीधे मुकाबले में दिल्ली के लोग मोदी के बजाय केजरीवाल को पीएम चाहते हैं। लोग ये भी मानते हैं कि केजरीवाल की प्राथमिकता दिल्ली नहीं बल्कि लोकसभा चुनाव है।
महाराष्ट्र
नई दिल्ली। अगर अभी चुनाव हों तो क्या रहेगा मतदाताओं का मिजाज? इस बड़े सवाल का जवाब खोजने के लिए आईबीएन7 के लिए देश की जानी-मानी सर्वे एजेंसी सीएसडीएस ने किया चुनाव पूर्व सर्वे। सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक अगर अभी चुनाव हों तो महाराष्ट्र में यूपीए को 16-22 सीटें, एनडीए को 23-29 सीटें, अन्य को 1-5 सीटें मिलने की उम्मीद है। यूपीए को 36 फीसदी तो एनडीए को 42 फीसदी जबकि आम आदमी पार्टी को 5 फीसदी वोट मिलने की उम्मीद है। बाकी वोट बीएसपी, एनएनएस व अन्य के खाते में जाएंगे।
सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक महाराष्ट्र में इस समय 31 फीसदी लोग नरेंद्र मोदी को पीएम बनते देखना चाहते हैं। एक महीने पहले जनवरी में हुए सर्वे में 40 फीसदी लोग नरेंद्र मोदी को पीएम बनते देखना चाहते थे। राहुल गांधी इस समय 16 फीसदी लोगों की पीएम पद पर पसंद हैं, जबकि एक महीने पहले 14 फीसदी लोग उन्हें पीएम बनते देखना चाहते थे। सोनिया गांधी को 6 फीसदी, अरविंद केजरीवाल को 4 फीसदी और शरद पवार को भी 4 फीसदी लोग पीएम बनते देखना चाहते हैं।
लोकसभा चुनाव में किस आधार पर वोट डाले जाएंगे इस पर 43 फीसदी लोगों ने कहा कि वो स्थानीय उम्मीदवार को देखकर वोट डालेंगे जबकि 35 फीसदी ने कहा कि वो पार्टी को देखकर वोटिंग करेंगे। 12 फीसदी लोगों ने कहा कि वो पीएम उम्मीदवार के नाम पर तो तीन फीसदी लोगों ने कहा कि वो अन्य आधार पर वोट डालेंगे। सर्वे में महाराष्ट्र सरकार के कामकाज से 45 फीसदी लोग संतुष्ट दिखे जबकि 50 फीसदी असंतुष्ट दिखे।
महाराष्ट्र में फिलहाल कांग्रेस एनसीपी गठजोड़ का शासन है। पिछले तीन बार से विधानसभा पर इसी गठजोड़ का कब्जा रहा है। महाराष्ट्र की लोकसभा सीटों में भी इसी गठजोड़ का वर्चस्व है। क्या इस बड़े संपन्न राज्य में इस बार भी यही होगा। ये बड़ा सवाल है।
महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश के बाद 48 सीटों के साथ सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाला राज्य है। यहां यूपीए और एनडीए दोनों के गठबंधन तमाम विवादों के बावजूद बरकरार हैं। कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी और बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के प्रदर्शन से तस्वीर में बड़ा उलटफेर हो सकता है। यही नहीं महाराष्ट्र में कांग्रेस का प्रदर्शन उसका भविष्य भी तय कर सकता है।
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